प्रेम के ढाई अक्षर में जीवन का संगीत छुपा है। प्रेम के सानिध्य में हर रिश्ता फूल सा महकता है। प्रेम एक ऐसा राह है जो आदि से अनादि तक पहुंचाती है। यह अखिल ब्रह्मांड का सबसे खुबसूरत अहसास है। सारी कायनात इसी में समाहित है।
सबके पास प्रेम की अपनी-अपनी परिभाषाएं और सीमाएं हैं। प्रेम का न कोई ओर है न छोर। लीजिये प्रेम के रंग-बिरंगे विचार और अनुभूतियां आपके प्रेममय जीवन के लिए -
सबके पास प्रेम की अपनी-अपनी परिभाषाएं और सीमाएं हैं। प्रेम का न कोई ओर है न छोर। लीजिये प्रेम के रंग-बिरंगे विचार और अनुभूतियां आपके प्रेममय जीवन के लिए -
मोहब्बत एक खुश्बू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हां नहीं रहता।
-- निदा फ़ाजली
एक-दूसरे से प्रेम करें, लेकिन प्रेम का कोई बंधन न बांधें, बल्कि इसे अपनी आत्माओं के किनारों के बीच एक बहते हुए सागर के समान रहने दें।
-- खलील जिब्रान
प्रेम अनगिनत रूपों, अनगिनत समय, जीवन और उम्र के बाद होता रहता है।
-- रवीन्द्रनाथ टैगोर
मायूस होके पलटीं जब हर तरफ़ से नजरें
दिल ही को बुत बनाया दिल ही से गुफ़्तगू की
-- जिगर मुरादाबादी
यदि आप लोगों का आकलन करते हैं तो आपके पास उन्हें प्यार करने का समय नहीं।
-- मदर टेरेसा
प्रेम एक दान है, भिक्षा नहीं, प्रेम मांग नहीं, भेंट है। प्रेम भिखारी नहीं, सम्राट है। जो मांगता है उसे बांटता है उसे प्रेम मिलता है।
-- ओशो
मुझे सहल हो गईं मंजिलें, वो हवा के रूख़ भी बदल गए
तेरा हाथ हाथ में आ गया कि चिराग़ राह में जल गए
-- मजरूह सुल्तानपुरी
प्रेम कभी दावा नहीं करता, वह तो हमेशा देता है। प्रेम हमेशा कष्ट सहता है। न कभी झुंझलाता है, न बदला लेता है।
-- महात्मा गांधी
प्रेम बलिदान सिखाता है, हिसाब नहीं सिखाता। प्रेम मस्तिष्क को नहीं हृदय को छूता है।
-- अज्ञात
खाइएगा इक निगाहे-लुत्फ़ का कब तक फ़रेबकोई अफ़साना बना कर बदनुमा हो जाइए
-- मजाज़
छुपा के फूलों में मुंह सबा से जो मुस्कुराये सहर कली है
तबस्सुम उस गुल का याद करके हुई अजब दिल की बेकली है
-- जौक़
तुझको ख़बर नहीं मगर इक सादा-लौह कोबर्बाद कर दिया तेरे दो दिन के प्यार ने
-- साहिर लुधियानवी
उनके देखे से जो आ जाती है मुंह पर रौनक,
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
-- ग़ालिब
हर आन में हर बात में हर ढंग में पहचान,
आशिक है तो दिलबर को हर-एक रंग में पहचान।
-- नजीर अकबराबादी
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हां नहीं रहता।
-- निदा फ़ाजली
एक-दूसरे से प्रेम करें, लेकिन प्रेम का कोई बंधन न बांधें, बल्कि इसे अपनी आत्माओं के किनारों के बीच एक बहते हुए सागर के समान रहने दें।
-- खलील जिब्रान
प्रेम अनगिनत रूपों, अनगिनत समय, जीवन और उम्र के बाद होता रहता है।
-- रवीन्द्रनाथ टैगोर
मायूस होके पलटीं जब हर तरफ़ से नजरें
दिल ही को बुत बनाया दिल ही से गुफ़्तगू की
-- जिगर मुरादाबादी
यदि आप लोगों का आकलन करते हैं तो आपके पास उन्हें प्यार करने का समय नहीं।
-- मदर टेरेसा
प्रेम एक दान है, भिक्षा नहीं, प्रेम मांग नहीं, भेंट है। प्रेम भिखारी नहीं, सम्राट है। जो मांगता है उसे बांटता है उसे प्रेम मिलता है।
-- ओशो
मुझे सहल हो गईं मंजिलें, वो हवा के रूख़ भी बदल गए
तेरा हाथ हाथ में आ गया कि चिराग़ राह में जल गए
-- मजरूह सुल्तानपुरी
प्रेम कभी दावा नहीं करता, वह तो हमेशा देता है। प्रेम हमेशा कष्ट सहता है। न कभी झुंझलाता है, न बदला लेता है।
-- महात्मा गांधी
प्रेम बलिदान सिखाता है, हिसाब नहीं सिखाता। प्रेम मस्तिष्क को नहीं हृदय को छूता है।
-- अज्ञात
खाइएगा इक निगाहे-लुत्फ़ का कब तक फ़रेबकोई अफ़साना बना कर बदनुमा हो जाइए
-- मजाज़
छुपा के फूलों में मुंह सबा से जो मुस्कुराये सहर कली है
तबस्सुम उस गुल का याद करके हुई अजब दिल की बेकली है
-- जौक़
तुझको ख़बर नहीं मगर इक सादा-लौह कोबर्बाद कर दिया तेरे दो दिन के प्यार ने
-- साहिर लुधियानवी
उनके देखे से जो आ जाती है मुंह पर रौनक,
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
-- ग़ालिब
हर आन में हर बात में हर ढंग में पहचान,
आशिक है तो दिलबर को हर-एक रंग में पहचान।
-- नजीर अकबराबादी

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