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नववर्ष विशेष
NEW YEAR ARTICLE IN HINDI



समय ही संपदा है                                                   
                                                      नववर्ष के रूप में हम सभी को फिर से 365 दिनों का बेशकीमती उपहार मिल गया है। अमीर हो या गरीब, पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़, अफसर हो या श्रमिक, प्रकृति का यह अनमोल तोहफा (समय) सभी को एक समान मिला हुआ है। फिर क्या कारण है कि इतने ही समय में कुछ लोग अपने ढ़ेरों काम निपटाकर बहुत आगे निकल जाते हैं, वहीं कुछ लोग समय का रोना रोते हुए वहीं के वहीं हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। इसका बड़ा कारण है समय प्रबंधन का अभाव।
                                                   यूं तो समय अथाह है अनंत है, लेकिन हमारी जीवन अवधि सीमित। हम समय नहीं बिताते, समय हमें बिता देता है। जो व्यक्ति इस बीत रहे समय की कीमत जानता है, वह कभी भी समय को व्यर्थ बर्बाद नहीं करता। वह जानता है " समय ही धन है।" और हर पल के सदुपयोग में ही इस जीवन की सार्थकता है। जिनको समय प्रबंधन की कला आती है, वे हर समय इसी दिशा में प्रयासरत रहते हैं कि किस कार्य को कब और कैसे किया जाए जिससे सही समय पर सार्थक व सफल परिणाम प्राप्त हो सके।
                                                     कुछ लोगों को अक्सर यह कहते सुना जा सकता है कि, क्या करें समय नहीं मिलता, अति व्यस्तता चल रही है, जबकि ऐसा नहीं है, हर वक्त व्यस्त रहकर भी समय का सदुपयोग संभव है। कुछ लोग अतिव्यस्त रहकर भी कुछ विशेष सफलता प्राप्त नहीं कर पाते, वहीं कुछ लोग उतने ही समय में उससे दुगुनी मात्रा में काम कर सफलता के शिखर पर पहुंच जाते हैं। गौरतलब है की यह सब संभव है, योजना बनाकर कार्य के क्रियान्वयन में और प्रतिपल सजग रहने में।
                                                      आज जीवन के हर क्षेत्र में समय के साथ नॉलेज अपडेशन और व्यक्तित्व विकास का महत्व बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यदि आप खुद को पिछड़ता हुआ महसूस कर रहे हैं तो आवश्यकता इस बात की है कि समय के मामले में सचेत रहें। हर चीजों का योजना बनाकर चलें। समय के हिसाब से कार्ययोजना बनाकर उसे वैसे ही निपटाएं। अपनी पसंद और प्रकृति के अनुसार समय निर्धारण करें। 
अंत में नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ ध्यान रखें 'समय ही संपदा है.' यदि आप समय को महत्व देंगे तो समय आपको महत्व देगा।
-- उमेश कुमार

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