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र्ष विशेष : 
नववर्ष 2017 : साल दर साल, कितने सफल कितने असफल 


                                         चंद दिनों बाद दीवार की खूंटी से उतारकर यादों की खूंटी में एक और साल टांग दी जाएगी। साल का अंत न सिर्फ नववर्ष की तैयारी का होता है अपितु आत्मविश्लेषण का भी होता है। नववर्ष के प्रारंभ के साथ हमारे द्वारा बनाई गई योजनाओं की पूर्णता में आखिर हम कितने सफल हुए। कितनी योजनाएं बीच में छोड़ दी गई और कितनी भुला दी गई।आखिर कारण क्या रहा? जरा गंभीरता से सोचें। साल-दर-साल हम ढेरों योजनाएं बनाते हैं, लेकिन विभिन्न कारणों से अधिकांश योजनाएं पटरी से उतर जाती है। आइये जानें किन कारणों से हमारी योजनाएं सफल नहीं हो पाती।
योजनाबद्ध कार्य निर्धारण का अभाव - मान लीजिए आपने इस नववर्ष में 1 लाख बचत करने की योजना बनाई, लेकिन इसके लिए आपने न तो अपने आय-व्यय का लेखा-जोखा तैयार किया और न ही सही इन्वेस्टमेंट की ओर ध्यान दिया। निश्चित रूप से साल के आखिर तक आपका लक्ष्य अधूरा रह जाएगा। इसलिए यदि आप किसी भी लक्ष्य को पाना चाहते हैं पूरी योजनाबद्ध तरीके से काम से लेकर परिणाम तक का समुचित ढंग से निर्धारण करें।
अव्यवस्था एवं अति व्यस्तता  - साल की शुरुआत में हम एक साथ ढ़ेर सारी योजनाएं बना लेते हैं और धीरे धीरे यह अव्यवस्था एवं अति व्यस्तता की भेंट चढ़ जाता है। याद रखें भले ही आप साल में एक लक्ष्य बनाएं , लेकिन उसे मजबूत आधार देकर धैर्य, लगन और मेहनत के साथ पूरा करें। ऐसी उपलब्धि निश्चित रूप से टिकाऊ होगी।
सकारात्मकता की कमी - सफल व्यक्ति कुछ अलग काम नहीं करते, बल्कि वे हर काम को अलग ढंग से करते हैं। हम अक्सर अपनी नकारात्मक सोच के कारण असफल होते हैं। कहते हैं इंसान जैसा सोचता है वैसा बन जाता है। निश्चित रूप से यदि साल भर हम सकारात्मक विचारों और कार्यों से परिपूर्ण रहेंगे तो सफलता हमारी कदम चूमेगी।
मेहनत के बदले शॉर्टकट का फेर - याद रखिए एक सफल, सार्थक और समृद्ध जीवन निरंतर प्रयास करने से मिलता है। बड़ी उपलब्धियों को पाने का कोई शार्टकट नहीं होता। अचानक बिना मेहनत के धनवान या बहुत ऊंचाई में पहुंचने के फेर में न रहें, क्योंकि ऐसी ऊंचाई से गिरने में ज्यादा देर नहीं लगती। मेहनत व ईमानदारी से कमाया हुआ धन या उपलब्धियां ही फलदायी होती है।
सफलता की राह में हमारे ही बनाए रुकावटें - हमारी सफलता की राह में रोड़े हमारी अव्यवस्थित दिनचर्या, बेतरतीब घर-ऑफिस, कर्ज, अस्वस्थ तन-मन, फिजूल भागदौड़, तनाव आदि होते है। ये सभी हमारी स्वाभाविक शक्ति व रचनात्मक सोच को कम करते हैं। इनसे निजात पाने के लिए अपने हर पल को व्यवस्थित एवं टाइम टेबल के अनुरूप बनाकर रखें।
                                        आइए इस नववर्ष पुनः नए सिरे से जीवन की शुरुआत करें, इस शानदार अवसर पर शानदार संकल्प लें। अपने बहुमूल्य समय को श्रेष्ठता के प्रति समर्पित कर जीवन को नए रूप-रंग से संवारें। तमाम बुराइयों को तिलांजलि देकर अच्छाइयों को अपनाकर जीवन को नए अंदाज में जीने का संकल्प लें।
-- उमेश कुमार साहू 

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