बसंतराग
"... यह ऋतु कहता है, मन को प्रकृति की डोर से बांधो और उड़ा दो संभावनाओं के विस्तृत आकाश में..."
धरती पर एक बार फिर वसंत उतर आया है। 'वसंत' जो खिलखिला रहा है पेड़ों, पत्तों, फूलों, रास्तों, हवाओं में...सर्वत्र...। उसकी मधुर मुस्कान एक अनकही भावाभिव्यक्ति लिए सुबह की नर्म पीली धूप से लेकर शाम के गुलाबी तक निर्दोष बिखरी पड़ी है। ऐसा लगता है मानों 'धरती वसंत की कविता' बन गई हो।
मौसम और मन का बड़ा गहरा नाता है। वसंत जब आंखों से होकर मन में उतरता है तब मन में उमंग-उल्लास, प्रेम के सुप्त बीज अंकुरित हो उठते हैं। किसी ने कहा है, जब प्रकृति ने उम्मीद रचा, तब प्रेम रचा और वसंत भी रची।
वसंत से ही मन में गति और प्रकृति में सृजन का गीत उपजता है। यह ऋतु कहता है, मन को प्रकृति की डोर से बांधो और उड़ा दो संभावनाओं के विस्तृत आकाश में। पतझड़ के सूनेपन के बाद वसंत अपने अनन्यतम रूप से जीवन में जीवनीशक्ति का संचार करता है। यह पुनर्नवा की भांति जीवन में आता है और एकरसता समाप्त कर उदास व वीरान पलों में स्वर्णिम सम्मोहन भर जाता है।
लेकिन वसंत कहां टिक पाता है? जीवन में प्रेम, उमंग-उत्साह भरकर उसे विदा होना पड़ता है। पतझड़-वसंत, आना-जाना, मिलना-बिछड़ना, सुख- दुःख जीवन का अनवरत क्रम है। इस क्रम के सम्मोहन में ही जीवन रूपी गाड़ी मजे से चलती है। जो भी हो प्रतीक्षा के मायावी पलों का जो आनंद है वह निश्चित रूप से आने वाले वसंत में दुगुना होकर ही मिलेगा।
बसंतराग के वीडियोस "सफलता सूत्र" के यूट्यूब चैनल पर देखें -
बसंत ऋतु पर दिल छू लेने वाला लेख/कविता Basant Ritu pr Heart Touching Lekh/Hindi Kavita
https://youtu.be/9zmClUr4HY8
वसंत से ही मन में गति और प्रकृति में सृजन का गीत उपजता है। यह ऋतु कहता है, मन को प्रकृति की डोर से बांधो और उड़ा दो संभावनाओं के विस्तृत आकाश में। पतझड़ के सूनेपन के बाद वसंत अपने अनन्यतम रूप से जीवन में जीवनीशक्ति का संचार करता है। यह पुनर्नवा की भांति जीवन में आता है और एकरसता समाप्त कर उदास व वीरान पलों में स्वर्णिम सम्मोहन भर जाता है।
लेकिन वसंत कहां टिक पाता है? जीवन में प्रेम, उमंग-उत्साह भरकर उसे विदा होना पड़ता है। पतझड़-वसंत, आना-जाना, मिलना-बिछड़ना, सुख- दुःख जीवन का अनवरत क्रम है। इस क्रम के सम्मोहन में ही जीवन रूपी गाड़ी मजे से चलती है। जो भी हो प्रतीक्षा के मायावी पलों का जो आनंद है वह निश्चित रूप से आने वाले वसंत में दुगुना होकर ही मिलेगा।
बसंतराग के वीडियोस "सफलता सूत्र" के यूट्यूब चैनल पर देखें -
बसंत ऋतु पर दिल छू लेने वाला लेख/कविता Basant Ritu pr Heart Touching Lekh/Hindi Kavita
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