भगवान गणेश विघ्न विनाशक एवं मानव मात्र की सभी अभिलाषाओं को पूरा करने वाले कहे गए हैं। किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ गणेश की आराधना से किया जाता है। गणेश जी के कई नाम और कई काम हैं।
प्रस्तुत है भगवान गणेश के बारे में खास बातें -
गणपति के अष्ट नाम
गजानन, लंबोदर, विकट, वक्रतुंड, महोदर, विघ्नराज, धूम्रवर्ण, एकदंत
इन असुरों का संहार किया
वृकासुर, गंधासुर, त्रिपुरासुर, मायाकार, कमलासुर, मदनकांत, वीर, ध्वज, शार्दूल, धूर्त, महादैत्य सिंधु
वृकासुर, गंधासुर, त्रिपुरासुर, मायाकार, कमलासुर, मदनकांत, वीर, ध्वज, शार्दूल, धूर्त, महादैत्य सिंधु
युद्ध में इन्हें पराजित किया
कामासुर, ममासुर, मत्सरासुर, दंभासुर, लोभासुर, क्रोधासुर, परशुराम, मदासुर, मोहासुर
कामासुर, ममासुर, मत्सरासुर, दंभासुर, लोभासुर, क्रोधासुर, परशुराम, मदासुर, मोहासुर
गणपति संप्रदाय
हरिद्रागणपति, नवनीतगणपति, महागणपति, स्वर्णगणपति, उच्छिष्टगणपति व संतान गणपति संप्रदाय
हरिद्रागणपति, नवनीतगणपति, महागणपति, स्वर्णगणपति, उच्छिष्टगणपति व संतान गणपति संप्रदाय
गजानन आराधना के मंत्र
गजाननस्तोत्रम, गणेशमहिम्न स्तोत्र, गणेशन्यास, गणेशअथर्वशीर्ष, गणेशाष्टक, मयूरेशस्तोत्रम, श्रीगणाधिपस्तोत्रम
गजाननस्तोत्रम, गणेशमहिम्न स्तोत्र, गणेशन्यास, गणेशअथर्वशीर्ष, गणेशाष्टक, मयूरेशस्तोत्रम, श्रीगणाधिपस्तोत्रम
श्रीगणेश साहित्य
गणेशगीता, गणेशपुराण, गणपतिसूक्त, गणेशभागवत, गणेशीगीताशास्त्रम, गणपत्युपनिषद, गणेशपूर्वतापिन्युपनिषद, गणेशतत्वसुधालहरी
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