अनेक शोध से अब यह प्रमाणित हो चुका है कि हिंदी की लिपि देवनागरी, दुनिया की अन्य भाषाओँ व लिपियों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ है। हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी में मात्रा और अक्षर घुमावदार होते हैं, जिसे ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं पढ़ना पड़ता है। ऐसा करने से वह दिमाग के दोनों हिस्सों को सक्रिय रखती है, जबकि अंग्रेजी भाषा की लिपि रोमन को एक ही दिशा में पढ़ना होता है, जो दिमाग के सिर्फ बाएं हिस्से को सक्रिय रखता है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक अंग्रेजी की तुलना में हिंदी भाषा बोलने से दिमाग अधिक सक्रिय रहता है, इसलिए दिमाग को चुस्त दुरुस्त रखना हो तो हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रयोग करें और आवश्यकता हो तभी अंग्रेजी में बात करें।
अपने मस्तिष्क को चुस्त दुरुस्त व सक्रिय बनाए रखना है तो हिंदी में लिखे, हिंदी में वार्तालाप करें। अब तो इंटरनेट पर हिंदी में सैकड़ों ब्लॉग और वेबसाइट संचालित हैं इन्हें नियमित रूप से पढ़ने की आदत डालें। स्मार्टफोन में भी हिंदी में लिखने के अनेक टूल्स (ऐप) उपलब्ध हैं, इनका प्रयोग अवश्य करें।
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