यदि आपको लगता है आप बवासीर के चंगुल में फंसने वाले है।
आप कब्ज के रोगी हैं और मल त्याग करते समय काफी जोर लगाना पड़ता है।
अपच व कब्ज के कारण मल कठोर होकर बाहर आता हो और गुदा द्वार फट जाता हो, तो हो सकता यह धीरे धीरे बवासीर का रूप धारण कर ले।
लीजिये प्रस्तुत है आपके लिए एक रामबाण कारगर नुस्खा जो आपको बवासीर के दलदल में फंसने से बचा सकता है।
नुस्खा -
नारियल, तिल या मूंगफली का तेल (ठण्ड के दिनों में सरसों का तेल) साफ उंगली या रुई में लगाकर गुदा में लगभग एक इंच अंदर डालकर अच्छे से लगा लें.इस प्रयोग को हर सप्ताह एक बार करें।
इससे बवासीर व अन्य गुदा संबंधी विकार धीरे-धीरे खत्म हो जाता है. कब्ज के रोगियों के लिए तो यह प्रयोग अति लाभकारी है.
नोट- इस उपाय को किसी भी उम्र के बच्चे,बड़े सभी कर सकते हैं.
आप कब्ज के रोगी हैं और मल त्याग करते समय काफी जोर लगाना पड़ता है।
अपच व कब्ज के कारण मल कठोर होकर बाहर आता हो और गुदा द्वार फट जाता हो, तो हो सकता यह धीरे धीरे बवासीर का रूप धारण कर ले।
लीजिये प्रस्तुत है आपके लिए एक रामबाण कारगर नुस्खा जो आपको बवासीर के दलदल में फंसने से बचा सकता है।
नुस्खा -
नारियल, तिल या मूंगफली का तेल (ठण्ड के दिनों में सरसों का तेल) साफ उंगली या रुई में लगाकर गुदा में लगभग एक इंच अंदर डालकर अच्छे से लगा लें.इस प्रयोग को हर सप्ताह एक बार करें।
इससे बवासीर व अन्य गुदा संबंधी विकार धीरे-धीरे खत्म हो जाता है. कब्ज के रोगियों के लिए तो यह प्रयोग अति लाभकारी है.
नोट- इस उपाय को किसी भी उम्र के बच्चे,बड़े सभी कर सकते हैं.
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