Valentine Day Quotes in Hindi
प्रेम पर इन महानुभाओं के महान विचार -
यह वह अमृत बूंद है, जो मरे हुए भावों को जिंदा करती है। यह जिंदगी की सबसे पाक, सबसे ऊंची, सबसे मुबारक बरकत है।
"मुंशी प्रेमचंद"
प्रेम से जीवन को अलौकिक सौंदर्य प्राप्त होता है। प्रेम से जीवन पवित्र और सार्थक हो जाता है। प्रेम जीवन की सम्पूर्णता है।
"डॉ. महावीर प्रसाद द्विवेदी"
प्रेम चतुर मनुष्यों के लिए नहीं है, वह तो शिशु-से सरल हृदय की वस्तु है।
"जय शंकर प्रसाद"
प्रेम एक संजीवनी शक्ति है, संसार के हर दुर्लभ कार्य को करने के लिए यह प्यार संबल प्रदान करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है, यह असीम होता है। इसका केंद्र तो होता है लेकिन परिधि नहीं होती।
"आचार्य रामचंद्र शुक्ल"
प्रेम अपनी गहराई को वियोग की घड़ियां आ पहुंचने तक स्वयं नहीं जानता।
"खलील जिब्रान"
एक फूल नहीं खिल सकता, अगर धूप न हो और कोई इंसान मोहब्बत के बिना जी नहीं सकता।
"मैक्स मूलर"
प्रेम अहसास है बंधन नहीं। प्रेम मुक्त भाव से करें ताकि पाने वाले को बंधन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का आभास हो।
"बुद्ध"
प्रेम में बड़ी कोई शक्ति है? नहीं! क्योंकि जो प्रेम को उपलब्ध होता है, वह भय से मुक्त हो जाता है।
"ओशो"
ये इश्क नहीं आसां इतना तो समझ लीजिए,
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है।
"मियां ग़ालिब
प्रेम पर इन महानुभाओं के महान विचार -
यह वह अमृत बूंद है, जो मरे हुए भावों को जिंदा करती है। यह जिंदगी की सबसे पाक, सबसे ऊंची, सबसे मुबारक बरकत है।
"मुंशी प्रेमचंद"
प्रेम से जीवन को अलौकिक सौंदर्य प्राप्त होता है। प्रेम से जीवन पवित्र और सार्थक हो जाता है। प्रेम जीवन की सम्पूर्णता है।
"डॉ. महावीर प्रसाद द्विवेदी"
प्रेम चतुर मनुष्यों के लिए नहीं है, वह तो शिशु-से सरल हृदय की वस्तु है।
"जय शंकर प्रसाद"
प्रेम एक संजीवनी शक्ति है, संसार के हर दुर्लभ कार्य को करने के लिए यह प्यार संबल प्रदान करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है, यह असीम होता है। इसका केंद्र तो होता है लेकिन परिधि नहीं होती।
"आचार्य रामचंद्र शुक्ल"
प्रेम अपनी गहराई को वियोग की घड़ियां आ पहुंचने तक स्वयं नहीं जानता।
"खलील जिब्रान"
एक फूल नहीं खिल सकता, अगर धूप न हो और कोई इंसान मोहब्बत के बिना जी नहीं सकता।
"मैक्स मूलर"
प्रेम अहसास है बंधन नहीं। प्रेम मुक्त भाव से करें ताकि पाने वाले को बंधन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का आभास हो।
"बुद्ध"
प्रेम में बड़ी कोई शक्ति है? नहीं! क्योंकि जो प्रेम को उपलब्ध होता है, वह भय से मुक्त हो जाता है।
"ओशो"
ये इश्क नहीं आसां इतना तो समझ लीजिए,
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है।
"मियां ग़ालिब
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