दीपावली विशेष लेख 2017
इन लोगों पर होती है लक्ष्मी जी मेहरबान, कभी नहीं होती रुपए-पैसे की कमी
देवी लक्ष्मी जी को धन-संपत्ति की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर-परिवार, जीवन में मां लक्ष्मी जी की कृपा सदा बनी रहे तो यह जानना जरूरी है कि लक्ष्मी जी किन लोगों पर कृपा बरसाती है और जिनके पास कभी धन-दौलत की कमी नहीं होती -
सौभाग्यशाली - जो अपने भाग्य के भरोसे नहीं बैठकर निरंतर निस्वार्थ भाव से कर्म करते हुए अपना भाग्य बदलने प्रयासरत रहता है।
सच्चरित्र - जो अपने चरित्र पर दिखावे या बुरे कर्म का दाग न लगने दे, साथ ही अपने सद्कर्मों के साथ पुरुषार्थ में लगा हो।
जितेंद्रिय - जितेंद्रिय यानि जिसने अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण पा लिया हो, जो इंद्रियों के वश में न होकर अविराम अपनी मंजिल की ओर बढ़ते जाता है।
कर्तव्यपरायण - जो अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित हो और मुश्किलें आने पर भी अपने पथ से न डिगे।
कर्तव्यपरायण - जो अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित हो और मुश्किलें आने पर भी अपने पथ से न डिगे।
कृतज्ञ - जो अपने दिशा निर्धारकों, सच्चे मित्रों या सहयोगियों, विषम परिस्थियों के मददगारों का कृतज्ञ हो।
अक्रोधी - जिसने अपने क्रोध पर विजय पा लिया हो और नकारात्मक विचारों को दूर कर जीवन से क्रोध निकालकर सकारात्मक रहता हो।
निडर - जो हर विषम परिस्थितियों एवं राह में आने वाली रुकावटों का निडरता के साथ जूझते हुए आगे बढ़ता हो।
ईश्वर पर विश्वास - जो जीवन में आने वाले सुख-दुःख के प्रति समभाव रखते हुए ईश्वर पर दृढ़ आस्था व विश्वास रखता हो।
स्वयं पर भरोसा - जो अपनी क्षमता और योग्यता पर विश्वास करते हैं, जो अपने भीतर छिपी क्षमता को उभार कर, प्रतिभा को निखार कर जितना आगे बढ़ता है, लक्ष्मी जी वहां स्वयं उपस्थित रहती हैं।
जागरूक - लक्ष्मी जी का वाहन है उल्लू। उल्लू प्रतीक है जागरूकता का, चौकसी का। जो जीवन के प्रति जागरूक हैं वहीं लक्ष्मी जी का वास है।
सृजनशीलता - जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सृजनशीलता एवं रचनात्मकता को शामिल कर आगे बढ़ता है। लक्ष्मी जी वहां स्वयं चली आती हैं।
अक्रोधी - जिसने अपने क्रोध पर विजय पा लिया हो और नकारात्मक विचारों को दूर कर जीवन से क्रोध निकालकर सकारात्मक रहता हो।
निडर - जो हर विषम परिस्थितियों एवं राह में आने वाली रुकावटों का निडरता के साथ जूझते हुए आगे बढ़ता हो।
ईश्वर पर विश्वास - जो जीवन में आने वाले सुख-दुःख के प्रति समभाव रखते हुए ईश्वर पर दृढ़ आस्था व विश्वास रखता हो।
स्वयं पर भरोसा - जो अपनी क्षमता और योग्यता पर विश्वास करते हैं, जो अपने भीतर छिपी क्षमता को उभार कर, प्रतिभा को निखार कर जितना आगे बढ़ता है, लक्ष्मी जी वहां स्वयं उपस्थित रहती हैं।
जागरूक - लक्ष्मी जी का वाहन है उल्लू। उल्लू प्रतीक है जागरूकता का, चौकसी का। जो जीवन के प्रति जागरूक हैं वहीं लक्ष्मी जी का वास है।
सृजनशीलता - जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सृजनशीलता एवं रचनात्मकता को शामिल कर आगे बढ़ता है। लक्ष्मी जी वहां स्वयं चली आती हैं।
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