अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष लेख रचना
International Women's Day Article in Hindi
महिला दिवस पर हिंदी कोट्स एवं संदेश
Women's Day Hindi Quotes and Messages
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के सुअवसर पर नारी को समर्पित कविता : सूखी नदी
सूखी नदी
''जब मैं सागर थी
तब
समाहित होती थी
सैकडों जलधाराएँ
मुझमें आकर,
क्रीड़ाएं करते थे
असंख्य लहरें
मेरी आँचल के
हर छोर पर,
मेरा ही अंश लेकर
इठलाते थे मेघ
ऊँचे आकाश पर,
श्रृंगार करते थे
सूरज-चाँद-सितारे
मुझमें अपना
प्रतिबिम्ब निहारकर,
मेरे विस्तार की
सराहना होती थी
सर्वत्र,
पर अब
मै सागर नहीं रही
अब मैं
सूखी नदी हो गयी हूँ
जहां पर
दृष्टि नहीं जाती है
किसी की...''
समाहित होती थी
सैकडों जलधाराएँ
मुझमें आकर,
क्रीड़ाएं करते थे
असंख्य लहरें
मेरी आँचल के
हर छोर पर,
मेरा ही अंश लेकर
इठलाते थे मेघ
ऊँचे आकाश पर,
श्रृंगार करते थे
सूरज-चाँद-सितारे
मुझमें अपना
प्रतिबिम्ब निहारकर,
मेरे विस्तार की
सराहना होती थी
सर्वत्र,
पर अब
मै सागर नहीं रही
अब मैं
सूखी नदी हो गयी हूँ
जहां पर
दृष्टि नहीं जाती है
किसी की...''
-- रोशनी साहू
दोस्तों 'सफलता सूत्र ' के हमारे यूट्यूब चैनेल 'सफलता सूत्र Safalta Sutra' पर महिला दिवस की उक्त कविता व अन्य ज्ञानवर्धक, उपयोगी, रोचक विडियो अवश्य देखें :-
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