DIWALI SHOPPING
बड़ों से लेकर बच्चे जिस त्योहार का बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं उस पर्व दीपावली के आने में अब गिनती के दिन शेष हैं। दीपावली को यदि खरीदारी का त्योहार कहा जाय तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। घर की साफ-सफाई, रंग-रोगन से लेकर आभूषण एवं गृहस्थी की अन्य वस्तुएं जैसे टी.वी., फ्रिज, वाशिंग मशीन, सोफा, ए.सी. आदि खरीदने के लिए अधिकांश लोग दीपावली की प्रतीक्षा करते हैं।
-- बजट बनाकर करें खरीदारी
दीपावली पर खरीदारी का महत्व तो है ही, लेकिन कई बार झूठी शान, दिखावे, प्रतिस्पर्धा तथा लुभावने विज्ञापन के चलते बजट नियंत्रण के बाहर हो जाता है। ऐसा करके जहां त्योहार का उत्साह फीका पड़ जाता है वहीं यह बिगड़ा हुआ बजट साल भर संतुलित होने का नाम नहीं लेता। यदि थोड़ी सूझबूझ से काम लिया जाए और निर्धारित बजट बनाकर उसके अनुरूप खरीदारी की जाए तो दीपावली के बाद भी घर में उजियारा कम न होगा।
-- जब फाइनेंस कराएं
आज पूरा बाजार फाइनेंस पर टिका हुआ ही। कुछ रूपये दो और हजारों-लाखों का सामान घर ले जाओ। Finance कराते समय कंपनी के बारे में सभी जानकारी जुटा लें। ब्याज दर, मासिक किश्तें, सर्विस टैक्स आदि की पूरी जानकारी लें। फाइनेंस कराने से पहले दो-तीन कंपनियों की ब्याज दरें या मासिक किश्तों के बारे में जानकारी लें, जहां पर यह कम हो वहां से फाइनेंस कराएं। यदि एक से अधिक वस्तुओं का फाइनेंस करा रहे हैं तो मासिक किश्तें चुकाने के बारे में अच्छे से सोच लें कहीं किश्तों के चक्कर में मासिक बजट बिगड़ न जाएं।
-- विशेष छूट से सावधान
दीपावली के अवसर पर लुभावने ऑफर्स के साथ 'छूट' की बाढ़ सी आ जाती है, लेकिन छूट के आकर्षण में फंसकर अनावश्यक खरीदारी करना कतई हितकर नहीं। छूट Discount में छिपे लूट को गहराई से समझें। किसी वस्तु की कीमत बढ़ाकर उसमें छूट दे रही कंपनियों से बचकर रहें। ऑफर्स पर ध्यान न देकर उत्पाद की क्वालिटी पर ध्यान दें।
-- बजट बनाकर करें खरीदारी
दीपावली पर खरीदारी का महत्व तो है ही, लेकिन कई बार झूठी शान, दिखावे, प्रतिस्पर्धा तथा लुभावने विज्ञापन के चलते बजट नियंत्रण के बाहर हो जाता है। ऐसा करके जहां त्योहार का उत्साह फीका पड़ जाता है वहीं यह बिगड़ा हुआ बजट साल भर संतुलित होने का नाम नहीं लेता। यदि थोड़ी सूझबूझ से काम लिया जाए और निर्धारित बजट बनाकर उसके अनुरूप खरीदारी की जाए तो दीपावली के बाद भी घर में उजियारा कम न होगा।
-- जब फाइनेंस कराएं
आज पूरा बाजार फाइनेंस पर टिका हुआ ही। कुछ रूपये दो और हजारों-लाखों का सामान घर ले जाओ। Finance कराते समय कंपनी के बारे में सभी जानकारी जुटा लें। ब्याज दर, मासिक किश्तें, सर्विस टैक्स आदि की पूरी जानकारी लें। फाइनेंस कराने से पहले दो-तीन कंपनियों की ब्याज दरें या मासिक किश्तों के बारे में जानकारी लें, जहां पर यह कम हो वहां से फाइनेंस कराएं। यदि एक से अधिक वस्तुओं का फाइनेंस करा रहे हैं तो मासिक किश्तें चुकाने के बारे में अच्छे से सोच लें कहीं किश्तों के चक्कर में मासिक बजट बिगड़ न जाएं।
-- विशेष छूट से सावधान
दीपावली के अवसर पर लुभावने ऑफर्स के साथ 'छूट' की बाढ़ सी आ जाती है, लेकिन छूट के आकर्षण में फंसकर अनावश्यक खरीदारी करना कतई हितकर नहीं। छूट Discount में छिपे लूट को गहराई से समझें। किसी वस्तु की कीमत बढ़ाकर उसमें छूट दे रही कंपनियों से बचकर रहें। ऑफर्स पर ध्यान न देकर उत्पाद की क्वालिटी पर ध्यान दें।

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